प्रपोत्र के जन्मदिवस पर कस्तूरबा विद्यालय में कंबल वितरण,
चन्द्रभान गोयल की मानवीय पहल बनी सेवा, करुणा और संवेदना की मिसाल
डिबाई(केपी सिंह चौहान)। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में सेवा, सहानुभूति और सामाजिक दायित्व का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए चन्द्रभान गोयल ने अपने प्रपोत्र अनभ गोयल के जन्मदिवस के शुभ अवसर को मानवीय संवेदना के साथ मनाया। इस अवसर पर वे कस्तूरबा विद्यालय पहुँचे, जहाँ उन्होंने विद्यालय में अध्ययनरत समस्त छात्र-छात्राओं को स्नेहपूर्वक कंबल वितरित किए। कड़ाके की ठंड के मौसम में बच्चों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया गया यह सेवा कार्य विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ। कंबल पाकर बच्चों के चेहरों पर प्रसन्नता और आत्मीयता की झलक स्पष्ट दिखाई दी। गोयल ने बच्चों से आत्मीय संवाद करते हुए उन्हें शिक्षा के महत्व, अनुशासन और अच्छे संस्कारों के साथ आगे बढ़ने का संदेश भी दिया। चन्द्रभान गोयल की इस मानवीय पहल ने न केवल जरूरतमंद विद्यार्थियों को राहत पहुँचाई, बल्कि समाज में परोपकार, करुणा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी सुदृढ़ किया। विद्यालय परिवार ने इस पुनीत कार्य के लिए गोयल परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे सेवा कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत होते हैं। विद्यालय परिसर में उपस्थित गणमान्य नागरिकों एवं अभिभावकों ने भी इस पहल की मुक्तकंठ से सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि जन्मदिवस जैसे शुभ अवसरों को सेवा कार्यों से जोड़ना आज के समय में अत्यंत सराहनीय कदम है, जिससे समाज में सकारात्मक सोच और सहयोग की भावना विकसित होती है।कार्यक्रम के समापन पर सभी ने ईश्वर से प्रार्थना की कि अनभ गोयल दीर्घायु हों, उत्तम स्वास्थ्य के साथ उज्ज्वल भविष्य की ओर निरंतर अग्रसर हों तथा गोयल परिवार सदैव इसी प्रकार समाजसेवा और जनकल्याण के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाता रहे।
यह आयोजन निश्चय ही समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरा है।



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