महामंडलेश्वर श्री सुरेन्द्रानंद गिरि महाराज ने अभावग्रस्त जाटव समाज के व्यक्ति को दिया नया घर
डिबाई (के.पी. सिंह चौहान)। तहसील क्षेत्र के रामघाट में रहने वाले गुड्डू जाटव, जो अब तक झोपड़ी में अत्यंत विषम और दयनीय परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे थे, उनके जीवन में उस समय एक नई आशा की किरण प्रकट हुई जब महामंडलेश्वर श्री सुरेन्द्रानंद गिरि महाराज ने मानवीय करुणा, सामाजिक दायित्व और सेवा भावना का परिचय देते हुए उन्हें नवीन पक्का आवास बनवाकर प्रदान किया।
गुड्डू जाटव अपने छोटे-छोटे बच्चों, पत्नी एवं वृद्ध मां के साथ लंबे समय से घोर आर्थिक अभाव और असुरक्षित आवासीय स्थिति में जीवन व्यतीत कर रहे थे। जब महामंडलेश्वर जी इस स्थिति से अवगत हुए तो उन्होंने स्वयं स्थल पर पहुंचकर वास्तविक परिस्थितियों का अवलोकन किया और तत्काल नवीन आवास निर्माण का संकल्प लिया। उनकी पहल पर अल्प समय में घर का निर्माण पूर्ण कराया गया।
बुधवार को नव-निर्मित आवास का विधिवत लोकार्पण फीता काटकर संपन्न हुआ। इस अवसर पर गुड्डू जाटव का परिवार भावुक दिखाई दिया—वृद्ध मां की आंखों में कृतज्ञता के आंसू और चेहरे पर संतोष की मुस्कान, वहीं बच्चों के चेहरों पर सुरक्षित भविष्य की आशा स्पष्ट रूप से झलक रही थी।
कार्यक्रम के दौरान पूरे जाटव समाज ने महामंडलेश्वर महाराज का फूलों से भव्य स्वागत किया तथा उनके इस पुनीत, प्रेरणादायी और समाजोपयोगी कार्य के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया। यह आयोजन केवल एक गृह-प्रवेश कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदना, मानवीय मूल्यों और सेवा परंपरा का सजीव उदाहरण बन गया।
इस अवसर पर थाना रामघाट प्रभारी संदीप सिंह पुलिस बल के साथ उपस्थित रहे। साथ ही समाज के गणमान्य नागरिकों में नितिन शर्मा, निखिल बजरंगी, रामू शर्मा, नेक्सा जाटव, नन्नू जाटव, कल्लू जाटव, महेश जाटव, यादराम जाटव सहित जाटव समाज के बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। संपूर्ण वातावरण सामाजिक एकता, मानवीय करुणा, सहयोग और सेवा भावना से ओतप्रोत दिखाई दिया।
यह पहल न केवल एक परिवार के जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा लेकर आई, बल्कि समाज के लिए यह संदेश भी छोड़ गई कि सच्ची साधना और धर्म वही है, जो मानव सेवा में प्रकट हो।










