वन विभाग के हल्का इंचार्ज की सह पर चला सरकारी पेड़ों पर आरा,
क्षेत्र में नहीं रूक रहें अवैध कटान के मामले, वन दरोगा की मिली भगत से वन माफिया के हौसले बुलंद
डिबाई। जहां उत्तर प्रदेश सरकार हरियाली को बचाने की कोशिश कर रही है वहीं नरोरा क्षेत्र में वन माफिया धड़ल्ले से हरियाली पर आरा चला रहे हैं। मामला विगत दिनों का है जहां होली के आसपास ग्राम उदयपुर मे विभागीय वृक्षारोपण में से वन माफिया द्वारा 10 सरकारी शीशम के वृक्षों का वन दरोगा आशु चौधरी की मिली भगत से अवैध कटान किया गया है। मामला खुलने के डर से वन दारोगा द्वारा एक हफ्ते बाद केस तो जरूर जारी किया गया परंतु अभी तक कोई भी जुर्माना वसूला नहीं गया है। बताया जा रहा है की सरकारी शीशम की कीमती लकड़ी डेढ़ लाख रुपए में अनूपशहर बेची गई है। एक और मामला 22 मार्च को सामने आया जिसमें माफिया द्वारा ग्राम रेतागढ़ की नहर पर सरकारी जामुन का वृक्ष वन दारोगा कि मिली भगत से काट दिये। साथ ही इसी ठेकेदार द्वारा ग्राम नौदई में जामुन और नीम के पांच पेड़ और काटे गए। इन मामलों से ऐसा लगता है कि क्षेत्र प्रभारी आशु चौधरी द्वारा धड़ल्ले से अवैध कटान करवाया जा रहा है। जिससे वन माफिया निडर होकर निजी पेड़ों के साथ-साथ सरकारी पेड़ भी काटने लगा है। सूचना देने के बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं कर जा रही है। उनकी नजर में सरकारी पेड़ों और सरकारी नियमों का कोई भी महत्व नहीं है । विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों पर सख्त से सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। जब इन मामलों की जानकारी वन क्षेत्राधिकार मोहित चौधरी से ली गई तो बताया गया की सभी मामलों में केस जारी कर जुर्माना वसूलने के निर्देश दे दिए गए हैं। किसी भी वन माफिया को बख्शा नहीं जाएगा।