डिबाई क्षेत्र में बेखौफ जारी है मिट्टी खनन का कारोबार, शासन-प्रशासन की निगरानी पर सवाल
डिबाई (केपी सिंह चौहान)। क्षेत्र में मिट्टी खनन का मामला एक बार फिर चर्चा में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभिन्न स्थानों पर बड़े पैमाने पर मिट्टी का खनन कर हजारों घन मीटर मिट्टी उठाई जा चुकी है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी कार्यवाही नहीं होने से खनन कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं। मामले ने शासन-प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ स्थानों पर लोडर और अन्य मशीनों की मदद से लगातार मिट्टी की खुदाई कर वाहनों के माध्यम से मिट्टी को दूसरे स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। आरोप है कि खनन का यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा है और इससे सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से मौके पर पहुंचकर जांच अथवा कार्यवाही किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।
लोगों का कहना है कि यदि बड़े पैमाने पर मिट्टी का खनन हुआ है तो इसकी पैमाइश कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जा सकती है। साथ ही खनन की अनुमति, निर्धारित क्षेत्र, खनन की मात्रा और मौके से मिट्टी उठाए जाने के संबंध में अभिलेखों की जांच होने पर तस्वीर साफ हो सकती है।
कार्यवाही नहीं होने से उठ रहे सवाल
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि क्षेत्र में अवैध अथवा नियमविरुद्ध मिट्टी खनन हो रहा है तो संबंधित विभागों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हो रही है? वहीं, यदि खनन वैध अनुमति के तहत किया जा रहा है तो अनुमति की शर्तों और निर्धारित मात्रा का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी जांच भी जरूरी है।
स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी और संबंधित खनन अधिकारियों से मामले का स्थलीय निरीक्षण कराकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितनी मात्रा में मिट्टी का खनन हुआ और इसके लिए नियमों का पालन किया गया या नहीं।
नियमों की अनदेखी हुई तो होगी जिम्मेदारी तय?
मिट्टी खनन को लेकर सामने आ रहे आरोपों ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि प्रशासन की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियमों का उल्लंघन मिला तो जिम्मेदार खननकर्ताओं के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। हालांकि, पूरे मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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